पौड़ी में बनेगी 300 वाहनों की क्षमता वाली बहुमंजिला पार्किंग, जाम से राहत की उम्मीद

पावर हाउस क्षेत्र में प्रस्तावित पार्किंग के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश, अपर चोपड़ा की 30 वाहनों वाली पार्किंग एक महीने में पूरी करने का लक्ष्य।

पौड़ी शहर में बढ़ते यातायात दबाव और पार्किंग की समस्या को कम करने के लिए बहुमंजिला पार्किंग परियोजना की तैयारी तेज की गई है। 26 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश ने शहर में निर्माणाधीन पार्किंग, प्रस्तावित बहुमंजिला पार्किंग और अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया। पावर हाउस क्षेत्र में करीब 300 वाहनों की क्षमता वाली बहुमंजिला पार्किंग बनाने का प्रस्ताव है। अधिकारियों को इसके लिए अनुमानित लागत का दोबारा आकलन करने और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। पौड़ी जैसे पहाड़ी शहरों में सीमित समतल भूमि और संकरी सड़कों के कारण वाहन खड़े करने की जगह उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण रहता है। पर्यटक सीजन, बाजारों में भीड़ और स्थानीय आवागमन के दौरान वाहन सड़क किनारे खड़े होने से जाम की स्थिति बन सकती है। ऐसे में बहुमंजिला पार्किंग शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने का संभावित उपाय है।

निरीक्षण के दौरान अपर चोपड़ा में मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत बन रही 30 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग का भी जायजा लिया गया। रिपोर्ट में इस निर्माण को एक महीने के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए जाने का उल्लेख है। इसके अलावा जीएमवीएन के समीप बनी 70 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं के अलग-अलग चरणों को समय पर पूरा करने से शहर में उपलब्ध पार्किंग स्थान बढ़ सकता है। हालांकि, प्रस्तावित 300 वाहनों वाली बहुमंजिला पार्किंग के लिए अभी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, लागत मूल्यांकन और शासन की आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। परियोजना की स्वीकृति, निर्माण शुरू होने की तारीख और पूर्ण होने की समयसीमा की पुष्टि आधिकारिक आदेशों के आधार पर ही की जानी चाहिए। स्थानीय नागरिकों की अपेक्षा है कि पार्किंग केवल वाहन खड़ा करने की जगह न बने, बल्कि बाजारों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों तक पहुंच को भी सुविधाजनक बनाए।

पौड़ी में पार्किंग विस्तार के साथ ऐतिहासिक इमारतों और विरासत स्थलों के संरक्षण पर भी काम किए जाने की जानकारी दी गई है। निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन हेरिटेज संग्रहालय और वीर भूमि स्थल के कार्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को इन परियोजनाओं में तेजी लाने तथा सर्किट हाउस के गेस्ट हाउस को पहाड़ी शैली में विकसित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। इन पहलों से शहर की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखने और पर्यटन आकर्षण बढ़ाने की संभावना है। लेकिन पहाड़ी शहरों में किसी भी बड़ी परियोजना के निर्माण के दौरान ढलानों की स्थिरता, वर्षा जल निकासी, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और पर्यावरणीय प्रभाव का ध्यान रखना जरूरी है। पार्किंग परियोजनाओं का वास्तविक लाभ तभी सामने आएगा जब उनका उपयोग व्यवस्थित हो, प्रमुख बाजारों में अनावश्यक वाहन प्रवेश कम हो और स्थानीय लोगों को सुरक्षित पैदल मार्ग उपलब्ध हों। प्रशासन की निगरानी और समयबद्ध निर्माण से पौड़ी की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।