मुख्यमंत्री धामी ने सात जिलों में 26 विकास कार्यों के लिए मंजूर किए 22.15 करोड़ रुपये

स्वीकृत योजनाओं में सड़क, नाली, पेयजल, बिजली, मंदिर सौंदर्यीकरण और सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। मसूरी विधानसभा क्षेत्र को सबसे बड़ा हिस्सा मिला है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के सात जिलों में 26 विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए कुल 22.15 करोड़ रुपये की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दी है। इन योजनाओं का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना और अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करना है। स्वीकृत कार्यों में आंतरिक सड़कों का निर्माण, नालियों का निर्माण, सुरक्षा से जुड़े निर्माण कार्य, पेयजल सुविधाएं, बिजली व्यवस्था, मंदिरों का सौंदर्यीकरण और पारंपरिक मेलों के स्थलों का विकास शामिल है। सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार इन परियोजनाओं का दायरा देहरादून, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चंपावत, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल तक फैला हुआ है। इस पैकेज में मसूरी विधानसभा क्षेत्र के लिए लगभग 8.96 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय पर पूरा होने पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

देहरादून जिले के मसूरी विधानसभा क्षेत्र में 12 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है। इनमें विभिन्न बस्तियों और स्थानीय क्षेत्रों में सड़क तथा नाली निर्माण और अन्य जरूरी सुरक्षात्मक कार्य शामिल हैं। अर्केडिया के मित्ती बेहड़ी, जाखन नगर की कैनाल रोड, मालसी, गढ़ी कैंट क्षेत्र के नागेश्वर, संजय विहार, तपकेश्वर, राजपुर रोड, दून विहार, डोभालवाला, घोरनखास, किशन नगर और विजय कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में योजनाएं प्रस्तावित हैं। इन कार्यों के लिए अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है। पिथौरागढ़ जिले में चार परियोजनाओं के लिए लगभग 3.44 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इनमें डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र के लीमा तोड़ा में सीसी सड़क, धारचूला क्षेत्र में पारंपरिक मेले के स्थल का विकास और अन्य ग्रामीण सड़कों तथा सुरक्षा कार्यों को शामिल किया गया है। अल्मोड़ा जिले में सोमेश्वर क्षेत्र में जंगली सूअर से फसलों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग और जागेश्वर क्षेत्र के सिद्धेश्वर मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण की योजना को भी स्वीकृति मिली है।

चंपावत जिले में मंदिरों और पारंपरिक मेलों से जुड़े चार कार्यों को मंजूरी दी गई है। इनमें भालेश्वर मंदिर का सौंदर्यीकरण, भगवती मेला स्थल, बागेश्वर मेला स्थल और ऐतिहासिक दूधाधारी भगवती मेला स्थल का विकास शामिल है। दूधाधारी भगवती मेला स्थल पर दर्शक दीर्घा और ध्यान केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना बताई गई है। टिहरी गढ़वाल के देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में चौकी महादेव शिव मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है। हरिद्वार जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में 100 हैंडपंप लगाने के लिए लगभग 2.22 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। ज्वालापुर और लक्सर विधानसभा क्षेत्रों में 50-50 हैंडपंप लगाए जाने की योजना है। पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में लगभग 3.44 करोड़ रुपये से स्ट्रीट लाइट व्यवस्था बेहतर बनाने, बिजली के खंभे लगाने और विद्युत लाइनों से जुड़े कार्य किए जाने हैं। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी दिखाई देगा, जब निर्माण कार्य तय समय में पूरे हों और स्थानीय नागरिकों को उनकी जरूरत के अनुसार सुविधाएं मिलें।