कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों के बीच सीबीआई अदालत में अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को निर्धारित।
उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में 24 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने नार्को-एनालिसिस टेस्ट के लिए सहमति दे दी है। दोनों शुक्रवार को सीबीआई अदालत में पेश हुए थे। यह घटनाक्रम उस कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों के बीच सामने आया है, जिसका जिक्र सोशल मीडिया पर वायरल हुई कथित बातचीत के बाद चर्चा में आया था। राठौर ने अदालत के बाहर जांच एजेंसियों और न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए जांच में सहयोग करने की बात कही। वहीं, सनावर ने भी टेस्ट के लिए सहमति देने की जानकारी दी और इसे मीडिया के सामने कराने की शर्त रखने की बात कही। मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को निर्धारित की गई है। अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया था। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों को लेकर समय-समय पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस होती रही है। इस मामले में सीबीआई जांच की मांग और अंकिता के माता-पिता की न्याय की अपील भी लगातार चर्चा में रही है। नार्को टेस्ट के लिए सहमति देना अपने आप में किसी आरोप की पुष्टि नहीं है। इस तरह की जांच के लिए कानूनी प्रक्रिया, संबंधित व्यक्ति की वैध सहमति और न्यायिक निर्देश महत्वपूर्ण होते हैं। टेस्ट कराया जाएगा या नहीं, इसकी प्रक्रिया क्या होगी और उससे मिली जानकारी का कानूनी महत्व क्या होगा, यह संबंधित एजेंसियों और अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगा। फिलहाल मामले की आगे की कार्यवाही पर नजर बनी हुई है।
